प्रकृति की गोद में पहुंच जाएंगे कम समय और कम खर्चे में, जानिए देहरादून के 5 फेवरेट टूरिस्ट डेस्टिनेशन
सहस्त्रधारा
देहरादून में अगर आप पहुंचे और सहस्त्रधारा घूमने न हीं गए तो फिर आपने देहरादून में प्रकृति की गोद में बसी सुंदर सी जगह को मिस कर दिया है। सहस्त्रधारा घंटाघर से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर राजपुर गांव के पास स्थित है। दावा है कि यहां स्थित गंधक झरना त्वचा की बीमारियों की चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध है। यह जगह झरने और पानी के बीच मौज मस्ती के लिए बेहत लोकप्रिय है। पहाड़ी से गिरते हुए जल को प्राकृतिक तरीके से देखना सबसे रोमांचक लगता है। यहां से थोडी दूर एक पहाड़ी के अंदर प्राकृतिक रूप से तराशी हुई कई छोटी छोटी गुफाएं है। यहां आप कई घंटो आराम से आनंद ले सकते हैं। खाने-पीने से लेकर हर प्रकार की सुविधाएं यहां मौजूद हैं। जो कि गर्मी में सबसे हॉट पिकनिक स्पॉट है।
लच्छीवाला
साल के पेड़ों के बीच घिरा, लच्छीवाला टूरिस्ट के लिए खासा पसंदीदा जगह है। लच्छीवाला का नाम बदलकर अब नेचर पार्क कर दिया गया है जो देहरादून से 22 किलोमीटर दूर हरिद्वार देहरादून ऋषिकेश रोड पर है लक्ष्मी वाला एकांत वातावरण के कारण ट्रैक्टर और पक्षी देखने वालों के बीच की प्रसिद्ध है प्रकृति के नज़ारों के अलावा यहां के पानी के कुंडों में मौज-मस्ती कर आप पूरा आंनद ले सकते हैं।
सुसवा नदी से एक धारा कई तालों में एकत्र की जाती है। यहां सिर्फ पानी ही नहीं ओर भी विकल्प है। यहां पर पर्यटकों के लिए म्यूजियम जिसको धरोहर नाम दिया गया है, भी खासा पसंद की जाती है। जो कि मनोरंजन के साथ ही कई महत्वपूर्ण जानकारियां देती है। इस धरोहर म्यूजियम में जाकर हम अपने प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, पारंपरिक बीज एवं अनाज, पारंपरिक उपकरण एवं बर्तन, पारंपरिक चित्रकला, पारंपरिक नृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र, मुखौटा नृत्य, एपण कला चित्र के साथ ही यहां पर तमाम चीजें स्क्रीन पर दिखाई जा रही है। यहां बोटिंग के अलावा म्यूजिकल फाउंटेन शो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
गुच्चुपानी
देहरादून से मात्र 8 किमी. की दूरी पर एक जगह है गुच्चुपानी। गुच्चुपानी को ब्रिटिशर्स रॉबर्स केव भी कहते थे और इसे डाकू गुफा के नाम से भी जाना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसे ब्रिटिशर्स ने रॉबर्स केव नाम इसलिये दिया था क्योंकि उस समय जब डाकू डकैती किया करते थे तो उसके बाद वो सामान सहित इन गुफाओं में छिप जाया करते थे। अंग्रेज सेना यहां पहुंच नहीं पाती थी क्योंकि इसके गुफा के रास्ते बेहद रहस्यमय थे। 650 मीटर लम्बी यह गुफा आज भी उतनी ही रहस्यमय है। अब ये गुफा एक पर्यटन स्थल बन चुकी है। गुफा के अंदर एक नदी भी बहती है जो बारिश के दिनों में बहुत गहरी हो जाती है। यहां घुटनों तक पानी होने से पानी में चलने से अलग ही सुकून मिलता है।
मालदेवता
रायपुर के आगे मालदेवता पर्यटकों के लिए फेवरिट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। जो कि देहरादून से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर हर तरफ पहाड़ और पानी दिखाई देता है। जहां आए दिन लोग परिवार और मित्रों के साथ समय बीताने और घूमने पहुंचते हैं। सड़क से नीचे उतरते ही यहां पानी मिल जाता है। यहां साइकिल से ट्रेक करने वालों की भी अच्छी खासा तादात मिल जाती है। मालदेवता में आप नेचर वॉक के अलावा तमाम तरह के गेम्स खेल सकते हैं। यहां आसानी से आपको रेंट पर कैंप मिल जाएंगे। इसके अलावा ट्रैकिंग के लिए अगर आप अकेले हैं और आपको रास्ता समझ न आ रहा हो तो आपको गाइड भी मिल जाएंगे जो आपके ट्रैकिंग के इस शौक को पूरा करने में मदद करेंगे।
गुलरघाटी
गुलरघाटी बालावाला के पास है। जो कि देहरादून से करीब 13 किमी है। जहां आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर सड़क से थोड़ा नीचे उतरकर पैदल चलना पड़ता है। इस जगह पर कई दूरी तक आपको चलता हुआ पानी मिल जाएगा। जिसमें कई टूरिस्ट पिकनिक मनाते हुए नजर आ जाते हैं। यहां पैदल चलने के साथ ही प्राकृतिक पानी मेंं आप स्विमिंग का मजा भी ले सकते हैं। जिसमें पानी में घंटो रहकर गर्मी से निजात मिल जाएगी। यहां पर खाने-पीने की चीजें आपको खुद से ले�




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें